डूसू चुनाव : दिल्ली में फीका पड़ा भगवा रंग, तीन सीटों पर एनएसयूआई का कब्जा !

Rockey

2014 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि तीन सीटें एनएसयूआई की झोली में आये हैं। डूसू-2017 में एनएसयूआई ने एबीवीपी के विजय रथ को रोकने के साथ ही कई मिथक भी तोड़ दिये।

New Delhi, Sep 13 : डूसू चुनाव में भगवा रंग फीका पड़ गया, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी जीत गये, आपको बता दें कि 2014 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि तीन सीटें एनएसयूआई की झोली में आये हैं। डूसू-2017 में एनएसयूआई ने एबीवीपी के विजय रथ को रोकने के साथ ही कई मिथक भी तोड़ दिये, एनएसयूआई ने इस बार डूसू में जीत दर्ज कर 6 साल से चली आ रही परंपरा को भी किनारे लगा दिया, इसके साथ ही चार साल बाद उसने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। 2011 से लेकर 2016 तक के आंकड़ों के अनुसार डूसू चुनाव केन्द्र की सत्ता से सीधे-सीधे प्रभावित होती है। जब केन्द्र में यूपीए की सरकार थी, तो डूसू की सत्ता एनएसयूआई के हाथ थी, जैसे ही केन्द्र में बीजेपी आई, तो डूसू में भी एबीवीपी का परचम लहराया ।

इस बार एनएसयूआई के रॉकी तुसीद समेत अन्य उम्मीदवारों ने इन आंकड़ों पर ब्रेक लगा दिया है, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व सीईसी डी एस रावत का कहना है कि डीयू में ईवीएम से फेयर इलेक्शन होता है, ये संयोग ही है कि जिसकी केन्द्र में सरकार होती है, अक्सर उसके छात्र विंग से अध्यक्ष चुना जाता है, लेकिन डीयू कैंपस में किसी भी राजनीतिक दल को प्रवेश नहीं है, ऐसे में ये मिथक इस बार टूट गया। एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा का कहना है कि राजनीतिक पार्टी के विचारों का फर्क पड़ता है, बीजेपी राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे पर लड़ती है। एबीवीपी भी उन्हीं मुद्दों के लिये लड़ती है, ऐसे में विचारधारा, केन्द्र में मजबूती और विचार इस चुनाव को प्रभावित करते हैं।

किसी भी राजनीतिक दल का दखल डीयू कैंपस में नहीं होता है, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की मेहनत और कैम्पस के मुद्दों को उठाने की प्रवृत्ति के कारण छात्र वोट करते हैं,DUऐसे में इस बार का चुनाव उन सभी मिथक को तोड़ता है। मालूम हो कि 2011 में जब केन्द्र में यूपीए-2 की सरकार थी, तो डूसू में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के कैंडिडेट की जीत हुई थी।

2012 में भी एनएसयूआई जीती, लेकिन जब 2013 में नरेन्द्र मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित किया गया, उसके तुरंत बाद हुए चुनाव में तीनों सीटों पर एबीवीपी ने कब्जा जमाया था। abvp-wins-DUSUफिर 2014 में केन्द्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद चारों सीटों पर एबीवीपी का कब्जा रहा, फिर 2015 में भी चारों सीटों पर एबीवीपी का कब्जा रहा। इसके बाद 2016 में भी एबीवीपी का ही डंका बजा।

Read Also : Video : दिल्ली मेट्रो के भीतर घुस गया बंदर, किसी को नुकसान पहुंचाने के बजाय नियम-कानून का किया पालन !

Click To Comment
Daily Horoscope
आ रही है हवा में उड़ने वाली कार…ट्रैफिक की टेंशन खत्म, अब हवा से करो बातें !

आ रही है हवा में उड़ने वाली कार…ट्रैफिक की टेंशन खत्म, अब हवा से करो बातें !

कार मार्केट की दुनिया में चमत्कार होने जा रहा है। अब आपको ट्रैफिक की टेंशन नहीं होगी क्योंकि आने वाली उड़ने वाली CAR ...पढ़िए ये खबर New Delhi,Oct 24 : कई बार आपके सामने वो स्थिति आ जाती है जब आप कार से कहीं जाते हैं तो भयंकर ट्रैफिक की वजह से आप खीज जाते हैं। तो लीजिए इस फील्ड में अब चमत्कार होने जा रहा है। अमेरिका में उड़ने वाली car तैयार हो रही है। यकीन मानिए इस car…
सावधान : ‘बेल’ कर देगा आपकी सेहत के साथ बड़ा ‘खेल’

सावधान : ‘बेल’ कर देगा आपकी सेहत के साथ बड़ा ‘खेल’

चौक-चौराहों पर मिलने वाले बेल के शरबत को अगर आपने अपने रूटीन का हिस्‍सा बना लिया है तो जरा सावधान हो जाइए क्‍योंकि बेल का शरबत हर किसी की सेहत को फायदा पहुंचाए ये जरूरी नहीं । New Delhi, Apr 19: गर्मियों की दस्‍तक के साथ ही हम ठंडी चीजों को अपनी डायट में शामिल कर लेते हैं । लस्‍सी, जूस, शेक, छाछ, नारियल पानी । ऐसी कई चीजें हैं जो गर्मियों में सेहत का ख्‍याल रखती हैं और शरीर…
Dr. Shakti Dhar Sharma

Dr. Shakti Dhar Sharma

Dr. Shakti Dhar Sharma | Dr. Shakti Dhar Sharma is running Shakti Jyotish Kendra at Haridwar(Uttarakhand) in INDIA.  Dr. Shakti Dhar Sharma have a excellence knowledge of Vedic Astrology as a hobby since childhood. He pursued Jyotish studies from Banaras (Kashi). He was also awarded as a Jyotish Samrat, Jyotish Ratna & Jyotish Bhaskar. He has 30 yrs experience in the field of Astrology, Occult science, Tantra, Mantra, Yantra etc.  He has made thousands of successful predictions to let people understand…